सिद्धार्थनगर में 412 जोड़ों ने थामा एक-दूजे का हाथ, सामूहिक विवाह समारोह में गूंजे मंगल गीत

सिद्धार्थनगर में 412 जोड़ों ने थामा एक-दूजे का हाथ, सामूहिक विवाह समारोह में गूंजे मंगल गीत
सिद्धार्थनगर। जिले के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के ग्राउंड में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह को आयोजित किया गया। इसमें 412 जोड़े विवाह बंधन में बंधे। हिंदू समुदाय के 303, बौद्ध धर्म के 64 और मुस्लिम समुदाय के 45 जोड़ों का उनके धर्म एवं परंपराओं के अनुसार विवाह संपन्न कराया गया। समारोह में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने नवदंपतियों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखमय वैवाहिक जीवन की कामना की।
कार्यक्रम का शुभारंभडुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल, बांसी विधायक जय प्रताप सिंह, कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य, इटवा के पूर्व विधायक डॉ. सतीश द्विवेदी, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन और मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
जिलाधिकारी ने जनप्रतिनिधियों का स्वागत किया। विवाह समारोह में हिंदू जोड़ों का विवाह पंडितों, मुस्लिम जोड़ों का निकाह मौलाना और बौद्ध जोड़ों का विवाह उनकी धार्मिक परंपराओं के अनुसार संपन्न कराया
गया। सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशन और जिला प्रशासन के प्रयास से गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह की चिंता दूर करने की दिशा में सराहनीय पहल की गई है। सामूहिक विवाह के माध्यम से सभी वर्गों के पात्र परिवारों को सम्मानपूर्वक विवाह का अवसर मिल
रहा है। उन्होंने नवदंपतियों से नई जिंदगी की शुरुआत प्रेम, विश्वास और आपसी सहयोग के साथ करने की अपील की। उन्होंने कहा कि नवविवाहित जोड़ों को रोजगार एवं प्लेसमेंट उपलब्ध कराने की दिशा
में भी प्रयास किए जा रहे हैं। पूर्व मंत्री व विधायक जय प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को आर्थिक सहायता और गृहस्थी की आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। सरकारी योजनाओं का लाभ डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के खातों
में पहुंचाया जा रहा है। विधायक श्यामधनी राही ने कहा कि सरकार गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह की चिंता दूर करने के साथ उन्हें आवास, खाद्यान्न और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित कर रही है। पूर्व विधायक डॉ. सतीश द्विवेदी और भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य ने भी योजना को गरीब परिवारों के लिए उपयोगी बताते हुए नवदंपतियों को आशीर्वाद दिया। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने बताया कि योजना के तहत प्रत्येक वधू के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से 64 हजार रुपये की धनराशि भेजी जा रही है। इसके अतिरिक्त 21 हजार रुपये की सामग्री दी गई तथा 15 हजार रुपये बारातियों के स्वागत-सत्कार पर व्यय किए गए। नवविवाहित जोड़ों को कपड़े, साड़ी, चुनरी, डिनर सेट, प्रेशर कुकर, ट्रॉली बैग, दीवार घड़ी, पंखा, बर्तन, कंबल, गद्दा, तकिया, चादर और अन्य घरेलू उपयोग की वस्तुएं प्रदान की गईं।
