October 20, 2026
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सिद्धार्थनगर

भारत की पहली 12 नैनोमीटर AI चिप: पोखरन के बाद नौकरी गई, 2026 में इतिहास रच दिया

September 3, 2026 • admin

A2000 भारत की पहली 12 नैनोमीटर Edge AI चिप है, जिसे भारतीय स्टार्टअप नेट्रासेमी ने बनाया है. Edge AI में जो AI मॉडल होता है वो आपके मोबाइल, कैमरा, ड्रोन, कार या किसी दूसरे डिवाइस के अंदर चलता है. मान लीजिए आपके घर के बाहर एक स्मार्ट CCTV कैमरा लगा है. नॉर्मल कैमरा सिर्फ वीडियो रिकॉर्ड करता है, लेकिन A2000 जैसी AI चिप वाला कैमरा खुद पहचान सकता है कि सामने इंसान है, गाड़ी है या कोई संदिग्ध गतिविधि हो रही है. इसके लिए उसे हर बार इंटरनेट या किसी विदेशी क्लाउड सर्वर की मदद नहीं लेनी पड़ती. यही इसकी सबसे बड़ी खासियत है.

अगर बॉर्डर पर तैनात कोई ड्रोन संदिग्ध गतिविधि देखता है, तो A-2000 चिप उसी समय और उसी जगह वीडियो का विश्लेषण कर सकती है और तुरंत फैसला लेने में मदद कर सकती है. इससे देश की सैन्य सुरक्षा में और मजबूती आएगी. इसका इस्तेमाल स्मार्ट CCTV कैमरे, ड्रोन, रोबोटिक्स, इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन जैसी चीज़ों के लिए होता है.

इससे पहले अमेरिका, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया ने भी Edge AI चिप्स का सफल इस्तेमाल किया है. अमेरिका में इन चिप्स की मदद से ड्रोन, रोबोट और इंडस्ट्रियल मशीनें को रियल-टाइम फैसले लेने के लिए ट्रेंड किया. चीन ने स्मार्ट सिटी और CCTV नेटवर्क में Edge AI का उपयोग कर ट्रैफिक कंट्रोल और पब्लिक सेफटी को ज्यादा प्रभावी बनाया. जापान में AI रोबोट्स और स्मार्ट फैक्ट्रियों ने मजदूरों की कमी को काफी हद तक पूरा किया.

अब बात करते हैं उस भारतीय इंजिनियर की जिन्होंने इसे बनाया — ज्योतिस इंदिराभाई. इंदिराभाई केरल से हैं. 1998 से पहले जापान चले गए और हिताची कंपनी में सेमीकंडक्टर तकनीक पर काम करने लगे. इसी दौरान भारत ने पोखरण 2 परमाणु परीक्षण किया. जब भारत ने ये परमाणु परीक्षण किया तो कई देशों ने भारत पर तकनीकी प्रतिबंध लगा दिए. इंदिराभाई 180 नैनोमीटर चिप पर काम कर रहे थे. वो प्रोजेक्ट बंद हो गया. नौकरी छूट गई.

इसके बाद वो अमेरिका चले गए. वहां उन्होंने करीब 20 साल तक सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में काम किया. Intel, Broadcom और कई बड़ी कंपनियों में उन्होंने GPU, मोबाइल प्रोसेसर, वायरलेस तकनीक और AI हार्डवेयर विकसित करने का काम किया. इसी दौरान उन्होंने कई पेटेंट भी हासिल किए.

2017 में इंदिराभाई भारत लौट आए, इस सोच के साथ कि भारत सिर्फ विदेशी चिप्स पर ही निर्भर न रहे. 2020 में उन्होंने नेत्रासेमी कंपनी की स्थापना की. उनकी टीम ने कई सालों तक AI प्रोसेसर, विज़न प्रोसेसिंग यूनिट और बाकी जरूरी तकनीकों को खुद डेवलप किया. इस डिजाइन को ताइवान की TSMC फैक्ट्री में बनवाया गया. और 2026 में A2000 — भारत की पहली 12 नैनोमीटर Edge AI चिप — तैयार हो गई.

ये सिर्फ एक चिप की कहानी नहीं है. ये उस सपने की कहानी है जो एक इंजिनियर ने तब भी नहीं छोड़ा जब दुनिया ने उसका साथ छोड़ दिया था. A2000 सिर्फ 12 नैनोमीटर की एक चिप नहीं है — ये भारत की आत्मनिर्भरता का एक नया अध्याय है.

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