राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मियों की लंबित मांगों के समाधान हेतु मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सौपे ज्ञापन

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मियों की लंबित मांगों के समाधान हेतु मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सौपे ज्ञापन
मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जनपद सिद्धार्थनगर।
आज दिनांक 29/09/2024 को NHM संयुक्त संघर्ष समिति, सिद्धार्थनगर द्वारा अपनी 5 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पर ज्ञापन सौंपा गया।
समिति के जिला संयोजक ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत वर्षों से कार्यरत कार्मिक प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन अन्य राज्यों की तुलना में उत्तर प्रदेश में NHM कर्मियों को अभी तक नियमितीकरण, वेतन वृद्धि एवं सामाजिक सुरक्षा का लाभ नहीं मिला है, जिससे उनमें रोष व्याप्त है।
संयुक्त संघर्ष समिति की प्रमुख 5 मांगें निम्त्र हैं:-
1. वेतन नीतिः NHM कर्मियों का न्यूनतम वेतन ₹18,000 प्रतिमाह निर्धारित करते हुए कार्यविधि, अनुभव एवं वरिष्ठता के आधार पर पारदर्शी वेतन निर्धारण एवं वेतन वृद्धि की नीति लागू की जाए।
2. राज्य आधारित स्वास्थ्य व्यवस्था एवं नियमितीकरणः दीर्घकाल से कार्यरत NHM कर्मियों को राज्य आधारित स्वास्थ्य व्यवस्था में समाहित करते हुए नियमित किया जाए। भारत सरकार द्वारा वर्ष 2011 में दीर्घकालीन NHM कर्मियों के नियमितीकरण तथा वर्ष 2018 में CHO को 6 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर नियमित किए जाने संबंधी सुझाव/निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई की जाए।
3. रिक्त पद एवं स्थानांतरण: NHM के रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए तथा कर्मियों के लिए रिक्त पदों पर स्थानांतरण नीति लागू की जाए।
4. सामाजिक सुरक्षाः सभी NHM कर्मियों को EPF, ESI, ग्रेच्युटी, स्वास्थ्य बीमा सहित आवश्यक सामाजिक सुरक्षा का लाभ प्रदान किया जाए।
5. आउटसोर्स का समायोजनः NHM में कार्यरत आउटसोर्स कर्मियों का समायोजन अथवा प्रस्तावित आउटसोर्स सेवा निगम के माध्यम से नियोजन कर निगम के लाभ उपलब्ध कराए जाएं।
समिति ने बताया कि उपरोक्त मांगों के समाधान हेतु प्रदेश नेतृत्व द्वारा चरणबद्ध कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। इसी क्रम में 29 एवं 30 सितंबर को जनपद स्तर पर ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसके पश्चात 1 अक्टूबर से डिजिटल स्ट्राइक एवं काला फीता बांधकर कार्य, 5, 6 एवं 7 अक्टूबर को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन तथा 8 अक्टूबर को लखनऊ में एकत्रीकरण प्रस्तावित कर अनुरोध किए कि उपयुक्त मांगों को शासन स्तर तक प्रभावी रूप से समय बध्द समाधान हेतु आवश्यक कार्यवाही कराने का कष्ट करें कर्मचारीयों में व्याप्त असंतोष समाप्त हो व स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से संचालित होती रहे
