विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर ‘सेवा संकल्प’ अभियान के तहत सिद्धार्थनगर में पर्यटन विकास की संभावनाओं को लेकर महत्वपूर्ण गोष्ठी आयोजित की गई। ‘सिद्धार्थनगर में पर्यटन : संभावनाएं, चुनौतियां एवं समाधान’ विषय पर हुई गोष्ठी में प्रशासन, पुलिस, पर्यटन, होटल और बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने जिले की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को पर्यटन की नई संभावनाओं से जोड़ने पर विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक वर्मा मुख्य अतिथि और मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह अध्यक्ष के रूप में मौजूद रहे। गोष्ठी में कपिलवस्तु की बौद्ध विरासत, कालानमक चावल और हेरिटेज टूरिज्म को सिद्धार्थनगर की प्रमुख पहचान के रूप में रेखांकित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि जिले में पर्यटन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं, लेकिन उन्हें व्यापक स्तर पर विकसित करने के लिए बेहतर कनेक्टिविटी, आधारभूत सुविधाओं, होटल व्यवस्था और आसान वित्तीय संसाधनों की जरूरत है। प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन विभाग और बैंकों के समन्वय से पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक वर्मा ने कहा कि सिद्धार्थनगर की धरती भगवान बुद्ध की स्मृतियों और कपिलवस्तु जैसी ऐतिहासिक विरासत को समेटे हुए है। उन्होंने कहा कि पर्यटन को रोजगार और विकास से जोड़ने के लिए सरकारी योजनाओं के साथ स्थानीय व्यवसायियों, बैंकों और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। कालानमक से जुड़े उत्पाद और ऐतिहासिक स्थल जिले को अलग पहचान दिलाने की क्षमता रखते हैं। मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने कहा कि जिले में पर्यटन के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण तैयार किया जा रहा है। होटल एवं पर्यटन व्यवसायियों को वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराने के साथ पुलिस और अग्निशमन विभाग के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यटन का विकास सामूहिक प्रयास से ही संभव है और प्रशासन इसके लिए आवश्यक समन्वय सुनिश्चित कर रहा है। कार्यक्रम में ‘सिद्धार्थनगर : वर्तमान से लेकर अतीत तक’ पुस्तक का विमोचन भी किया गया। अपर जिलाधिकारी डॉ. ज्ञान प्रकाश एवं अलका पांडेय द्वारा लिखित पुस्तक में सिद्धार्थनगर के इतिहास, संस्कृति और विकास यात्रा को समेटा गया है। लेखिका अलका पांडेय ने बताया कि 12 अध्यायों वाली पुस्तक में ‘माटी के रंग’, कालानमक चावल तथा कपिलवस्तु की बौद्धकालीन विरासत समेत जिले के विभिन्न ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहलुओं को दस्तावेजी आधार पर प्रस्तुत किया गया है। पर्यटन के साथ सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत प्रसाद कुमार ने पर्यटन स्थलों और होटलों के आसपास पुलिस गश्त मजबूत करने, सीसीटीवी कैमरे सक्रिय रखने तथा आगंतुकों के पहचान संबंधी अभिलेख व्यवस्थित रखने पर जोर दिया। अग्निशमन विभाग ने होटल संचालकों और नागरिकों को आग से बचाव, आपातकालीन उपकरणों के उपयोग और आपदा प्रबंधन की जानकारी दी। कार्यक्रम में ओडीओपी के तहत तैयार ‘बुद्धा डिलाइट कालानमक राइस कुकीज’ का स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहा। एक्सिस बैंक, केनरा बैंक और पंजाब नेशनल बैंक की ओर से लगाए गए स्टॉलों पर पर्यटन एवं होटल व्यवसाय के लिए उपलब्ध वित्तीय और ऋण योजनाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में पर्यटन विभाग के अधिकारी, होटल एवं पर्यटन व्यवसायी, बैंक प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

